जुलाई में आ सकती है राजनीतिक नियुक्तियों तीसरी सूची, गहलोत-पायलट गुट में बनी सहमति


राजस्थान में राजनीति नियुक्तियों की तीसरी सूची जुलाई महीने में आने के आसार है। राजनीतिक नियुक्तियों के लिए गहलोत-पायलट गुट में सहमति बन गई है। कांग्रेस नेता बेस्रबी से इंतजार कर रहे हैं। Rajasthan: Third list of political appointments may come in July – Newzshala – खबरों की पाठशाला

राजस्थान में राजनीति नियुक्तियों की तीसरी सूची जुलाई महीने में आने के आसार है। राजनीतिक नियुक्तियों के लिए गहलोत-पायलट गुट में सहमति बन गई है। राज्यसभा चुनाव संपन्न होने के कुछ दिनों बाद ही राजनीतिक नियुक्तियों की तीसरी सूची आने की उम्मीद थी लेकिन राहुल गांधी को ईडी समन देने के मामले में उपजे हालात के मद्देनजर मामला अटक गया। चर्चा है कि जुलाई महीने में कांग्रेस नेताओं को राजनीतिक नियुक्तियों का तोहफा मिलेगा। इससे पहले राजनीतिक नियुक्तियों 132 नेताओं को नियुक्तियां दी गई थी। पहली सूची में 58 और दूसरी सूची में 74 नेताओं को राजनीतिक नियुक्ति का तोहफा दिया गया था। प्रदेश के आधा दर्जन से ज्यादा बोर्ड-निगम और अकादमियों के साथ ही करीब 15 यूआईटी में राजनीतिक नियुक्तियां होनी हैं। पूर्व में जारी हो चुकी दो सूचियों में जिन नेताओं को नियुक्ति नहीं मिल पाई थी उन्हें अब इस तीसरी सूची का बेसब्री से इंतजार है।

 

केवल आलाकमान की मुहर लगना बाकी 

चर्चा है कि प्रदेश स्तर पर शेष रही राजनीतिक नियुक्तियों की सूची मुख्यमंत्री गहलोत, पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा और प्रदेश प्रभारी अजय माकन की आपसी चर्चा के बाद पहले ही आलाकमान को भेजी जा चुकी है। प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट से भी चर्चा की है। अब केवल आलाकमान की मुहर लगना बाकी है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी आलाकमान अभी दूसरे बड़े मसलों में उलझा है। लिहाजा सूची को मंजूरी मिलने में देरी हो रही है। विवाद की स्थिति से बचने के लिए राज्यसभा चुनाव से पहले इस सूची को जारी नहीं किया गया था।

इन बोर्ड-निगमों में होनी है राजनीतिक नियुक्तियां

राजस्थान में जिन राज्यस्तरीय बोर्ड-निगमों में नियुक्तियां अभी होनी शेष हैं उनमें मदरसा बोर्ड, अल्पसंख्यक वित्त निगम, देवस्थान बोर्ड और हाउसिंग बोर्ड शामिल हैं. वहीं अकादमियों की बात करें तो साहित्य अकादमी, ब्रजभाषा अकादमी, संगीत नाटक अकादमी, उर्दू अकादमी, ललित कला अकादमी, सिंधी अकादमी और संस्कृत अकादमी आदि में नियुक्तियां होनी है। जिन यूआईटी में नियुक्तियां होनी हैं उनमें अलवर, माउंट आबू, बाड़मेर, भीलवाड़ा, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, भिवाड़ी, बीकानेर, कोटा, जैसलमेर, पाली, उदयपुर, सीकर, श्रीगंगानगर और सवाईमाधोपुर शामिल हैं. इनके साथ ही जयपुर, जोधपुर और अजमेर विकास प्राधिकरण तथा मेला प्राधिकरणों में भी नियुक्तियां होनी हैं

केवल आलाकमान की मुहर लगना बाकी 

चर्चा है कि प्रदेश स्तर पर शेष रही राजनीतिक नियुक्तियों की सूची मुख्यमंत्री गहलोत, पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा और प्रदेश प्रभारी अजय माकन की आपसी चर्चा के बाद पहले ही आलाकमान को भेजी जा चुकी है। प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट से भी चर्चा की है। अब केवल आलाकमान की मुहर लगना बाकी है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी आलाकमान अभी दूसरे बड़े मसलों में उलझा है। लिहाजा सूची को मंजूरी मिलने में देरी हो रही है। विवाद की स्थिति से बचने के लिए राज्यसभा चुनाव से पहले इस सूची को जारी नहीं किया गया था।

इन बोर्ड-निगमों में होनी है राजनीतिक नियुक्तियां

राजस्थान में जिन राज्यस्तरीय बोर्ड-निगमों में नियुक्तियां अभी होनी शेष हैं उनमें मदरसा बोर्ड, अल्पसंख्यक वित्त निगम, देवस्थान बोर्ड और हाउसिंग बोर्ड शामिल हैं. वहीं अकादमियों की बात करें तो साहित्य अकादमी, ब्रजभाषा अकादमी, संगीत नाटक अकादमी, उर्दू अकादमी, ललित कला अकादमी, सिंधी अकादमी और संस्कृत अकादमी आदि में नियुक्तियां होनी है। जिन यूआईटी में नियुक्तियां होनी हैं उनमें अलवर, माउंट आबू, बाड़मेर, भीलवाड़ा, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, भिवाड़ी, बीकानेर, कोटा, जैसलमेर, पाली, उदयपुर, सीकर, श्रीगंगानगर और सवाईमाधोपुर शामिल हैं. इनके साथ ही जयपुर, जोधपुर और अजमेर विकास प्राधिकरण तथा मेला प्राधिकरणों में भी नियुक्तियां होनी हैं।

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